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साड़ी विश्वकोश

भारत में साड़ियों के प्रकार: राज्यवार पूरी गाइड

लेखक: Vastra Heritage संपादकीय टीम · अंतिम अपडेट

भारत में सौ से ज़्यादा नामी साड़ी परंपराएँ हैं, और लगभग हर एक किसी जगह से जुड़ी है: बुनकरों का कोई कस्बा, रंगाई के लिए पानी देने वाली कोई नदी, या कोई मंदिर जिसने डिज़ाइन तय किए। इस गाइड में भारत की सबसे महत्वपूर्ण साड़ियों को क्षेत्र के हिसाब से बताया गया है — हर साड़ी किस कपड़े में बुनी जाती है, उसे कैसे पहचानें और कब पहनें।

तालिकाओं में अपनी साड़ी खोजें, फिर ख़रीदने और असली-नकली की पहचान के लिए हमारी विस्तृत गाइड के लिंक देखें।

उत्तर भारत की साड़ियाँ

उत्तर भारत भारी ब्रोकेड, महीन मलमल और हाथ की कढ़ाई के लिए जाना जाता है। इतिहास और क्वालिटी जाँच के लिए हमारी उत्तर भारतीय कपड़ों की गाइड (अंग्रेज़ी में) पढ़ें।

साड़ीकहाँ कीकपड़ापहचानकिस मौके के लिए
बनारसीवाराणसी, उत्तर प्रदेशसिल्क (कटान, ऑर्गेंज़ा), जॉर्जेटघनी ज़री ब्रोकेड, मुग़ल फूल और कैरी (पैस्ली) मोटिफ़, भारी पल्लूशादी, दुल्हन का जोड़ा
चिकनकारीलखनऊ, उत्तर प्रदेशकॉटन, जॉर्जेट, शिफ़ॉनहल्के कपड़े पर सफ़ेद हाथ की कढ़ाई, शैडो वर्क (बखिया)गर्मियों के फ़ंक्शन, दिन के कार्यक्रम
कोटा डोरियाकोटा, राजस्थानकॉटन-सिल्कछोटे चौकोर चेक (खत), बहुत हल्की और पारदर्शीगर्म मौसम, ऑफ़िस
लहरियाजयपुर और जोधपुर, राजस्थानशिफ़ॉन, जॉर्जेट, कॉटनरेज़िस्ट डाई से बनी तिरछी लहरदार धारियाँतीज, मानसून के त्योहार

दक्षिण भारत की साड़ियाँ

दक्षिण भारत कॉन्ट्रास्ट बॉर्डर और मंदिर मोटिफ़ वाली भारी मलबरी सिल्क का घर है। हमारी दक्षिण भारतीय कपड़ों की गाइड और मैसूर सिल्क बनाम कांजीवरम तुलना देखें।

साड़ीकहाँ कीकपड़ापहचानकिस मौके के लिए
कांजीवरम (कांचीपुरम)कांचीपुरम, तमिलनाडुमलबरी सिल्क, ज़रीभारी वज़न, कोरवई से जुड़ा कॉन्ट्रास्ट बॉर्डर, मंदिर और चेक मोटिफ़शादी, दक्षिण भारतीय दुल्हन
मैसूर सिल्कमैसूरु, कर्नाटकप्योर क्रेप सिल्कहल्की, मुलायम, हल्की चमक, कम ज़री वाला बॉर्डरत्योहार और औपचारिक अवसर
कसावुकेरलकॉटनऑफ़-व्हाइट साड़ी पर सुनहरा बॉर्डरओणम, विशु, मंदिर दर्शन
पोचमपल्ली इकतभूदान पोचमपल्ली, तेलंगानासिल्क, कॉटनहल्के धुंधले किनारों वाले ज्यामितीय इकत पैटर्नत्योहार, उपहार
गद्वालगद्वाल, तेलंगानाकॉटन बॉडी, सिल्क बॉर्डरकॉटन बॉडी पर जुड़ा हुआ सिल्क पल्लू और बॉर्डरत्योहार, पूजा
उप्पाडाउप्पाडा, आंध्र प्रदेशसिल्कबहुत हल्की, जामदानी जैसी बुनी हुई डिज़ाइनरिसेप्शन, त्योहार
चेट्टीनाडकराईकुडी, तमिलनाडुकॉटनमिट्टी जैसे रंगों में बोल्ड चेक और धारियाँरोज़ाना और ऑफ़िस
इलकलइलकल, कर्नाटककॉटन-सिल्कमंदिर-शिखर (कोंडी) जोड़ वाला लाल पल्लूपारंपरिक और त्योहार

मंदिर नगरी से GI टैग तक कांजीवरम की कहानी के लिए हमारा कांचीपुरम सिल्क का इतिहास पढ़ें।

पूर्वी भारत की साड़ियाँ

बंगाल, ओडिशा, असम और झारखंड भारत की कुछ सबसे बेहतरीन कॉटन, जंगली सिल्क और इकत बुनते हैं। हमारी पूर्वी भारतीय कपड़ों की गाइड में हर एक का विस्तार है।

साड़ीकहाँ कीकपड़ापहचानकिस मौके के लिए
बालूचरीबिष्णुपुर, पश्चिम बंगालसिल्कपल्लू में महाकाव्यों के दृश्य बुने होते हैंशादी, दुर्गा पूजा
जामदानीपश्चिम बंगाल (और ढाका)महीन कॉटन मलमलपारदर्शी कपड़े पर तैरते से दिखने वाले मोटिफ़त्योहार, औपचारिक
तांतपश्चिम बंगालकॉटनकड़क, हल्की, चौड़ा बॉर्डररोज़ाना, पूजो
संबलपुरी इकतपश्चिमी ओडिशाकॉटन, सिल्कशंख, चक्र और फूल मोटिफ़ वाला टाई-डाई इकतत्योहार, उपहार
बोमकाईगंजाम, ओडिशाकॉटन, सिल्कएक्स्ट्रा-वेफ़्ट मोटिफ़ और कॉन्ट्रास्ट पल्लूत्योहार
टसरझारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़जंगली (तसर) सिल्कप्राकृतिक सुनहरा-बेज रंग, खुरदरी बनावट, मैट चमकऑफ़िस, त्योहार
मूगाअसममूगा सिल्कप्राकृतिक सुनहरी चमक जो धोने से बढ़ती हैबिहू, शादी
एरीअसम, मेघालयएरी (अहिंसा) सिल्कगर्म, मैट, ऊन जैसा ड्रेपसर्दियाँ, एथिकल वॉर्डरोब

पश्चिम भारत की साड़ियाँ (गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान)

पश्चिम भारत टाई-डाई, डबल इकत और मोर वाले पल्लू की सिल्क के लिए मशहूर है। पहचान के टिप्स के लिए पश्चिम भारतीय कपड़ों की गाइड पढ़ें।

साड़ीकहाँ कीकपड़ापहचानकिस मौके के लिए
पटोलापाटन, गुजरातसिल्कडबल इकत: दोनों तरफ़ डिज़ाइन एक जैसाशादी, विरासत
बांधनी (बंधेज)कच्छ और जामनगर (गुजरात), राजस्थानजॉर्जेट, सिल्क, कॉटनछोटे-छोटे टाई-डाई बिंदु, अक्सर घने पैटर्न मेंशादी, नवरात्रि
घरचोलागुजरातसिल्कज़री के चेक का जाल, जिसके अंदर बांधनीगुजराती दुल्हन
पैठणीपैठण और येवला, महाराष्ट्रसिल्क, ज़रीमोर और कमल वाला पल्लू, रंग बदलती बॉडीमहाराष्ट्रीयन दुल्हन
अजरखकच्छ, गुजरातकॉटन, मोडाल, सिल्कइंडिगो और मजीठ रंग में ज्यामितीय ब्लॉक प्रिंटरोज़ाना, कारीगरी पसंद

सूरत में रहते हैं? गुजरात का यह टेक्सटाइल हब अलग-अलग बुनाई को ख़ुद देखकर तुलना करने के लिए अच्छी जगह है — हमारा सूरत स्टोर पेज देखें।

मध्य भारत की साड़ियाँ

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सदियों पुराने शाही संरक्षण वाली हल्की, हवादार साड़ियाँ बुनते हैं। मध्य भारतीय कपड़ों की गाइड देखें।

साड़ीकहाँ कीकपड़ापहचानकिस मौके के लिए
चंदेरीचंदेरी, मध्य प्रदेशसिल्क-कॉटन, प्योर सिल्कपारदर्शी, चमकदार, छोटी बूटियाँगर्मियों की शादी, दिन के कार्यक्रम
महेश्वरीमहेश्वर, मध्य प्रदेशसिल्क-कॉटनदोनों तरफ़ पहनने लायक बॉर्डर, धारियाँ और चेकऑफ़िस, त्योहार
कोसा सिल्कछत्तीसगढ़टसर जैसी जंगली सिल्कफीका सुनहरा, खुरदरा, मज़बूतत्योहार, औपचारिक

सही साड़ी कैसे चुनें

  • शादी के लिए: बनारसी, कांजीवरम, पैठणी, पटोला या बालूचरी। हमारा इंडियन वेडिंग एडिट देखें।
  • गर्मी के लिए: चंदेरी, कोटा डोरिया, चिकनकारी, जामदानी या तांत।
  • ऑफ़िस के लिए: महेश्वरी, टसर, चेट्टीनाड कॉटन, मैसूर सिल्क।
  • पहली सिल्क साड़ी के लिए: भारी कांजीवरम से पहले हल्की मैसूर सिल्क या सॉफ़्ट बनारसी से शुरुआत करें।
  • "प्योर सिल्क" के पैसे देने से पहले: हमारी असली सिल्क पहचानने की गाइड के टेस्ट करें और साड़ी प्राइस गाइड से कीमत मिलाएँ।

साड़ी चुनने के बाद साड़ी पहनने के तरीके से सही ड्रेप सीखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में कितने प्रकार की साड़ियाँ हैं?

भारत में सौ से ज़्यादा नामी क्षेत्रीय साड़ी परंपराएँ हैं। सबसे मशहूर हैं बनारसी, कांजीवरम, पैठणी, पटोला, बांधनी, चंदेरी, बालूचरी, जामदानी, संबलपुरी, पोचमपल्ली, मैसूर सिल्क और कसावु।

भारत की सबसे प्रसिद्ध साड़ी कौन सी है?

वाराणसी की बनारसी और कांचीपुरम की कांजीवरम सबसे प्रसिद्ध हैं, ख़ासकर शादियों के लिए। दोनों को GI (भौगोलिक संकेत) सुरक्षा मिली है।

शादी के लिए कौन सी साड़ी सबसे अच्छी है?

असली या टेस्टेड ज़री वाली भारी सिल्क सबसे अच्छी रहती है: बनारसी कटान, कांजीवरम, पैठणी, पटोला और घरचोला दुल्हन के लिए पारंपरिक पसंद हैं।

गर्मी के लिए कौन सी साड़ी अच्छी है?

चंदेरी, कोटा डोरिया, कॉटन पर चिकनकारी, जामदानी, तांत और कसावु जैसी हल्की, हवादार साड़ियाँ गर्मी में सबसे आरामदायक हैं।

बनारसी और कांजीवरम में क्या फ़र्क है?

बनारसी साड़ियाँ बारीक ज़री ब्रोकेड और मुग़ल प्रेरित डिज़ाइन के लिए जानी जाती हैं और आमतौर पर हल्की होती हैं। कांजीवरम भारी होती हैं, मोटी मलबरी सिल्क से बुनी जाती हैं और उनका कॉन्ट्रास्ट बॉर्डर कोरवई तकनीक से जुड़ा होता है।