धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है। यह दिवाली के पांच दिनों में पहला दिन है, और इसी दिन ज़्यादातर परिवार आने वाले साल के लिए कुछ नया खरीदते हैं, चाहे वह चांदी का एक सिक्का हो या एक सिल्क साड़ी। इसका नाम धन (संपत्ति) और तेरस (कार्तिक के कृष्ण पक्ष की तेरहवीं तिथि) से मिलकर बना है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है।
झटपट जवाब:
- तारीख: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 (त्रयोदशी तिथि, कार्तिक कृष्ण पक्ष)।
- पूजा कब करें: शाम को, सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में। सही समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग में ज़रूर देख लें।
- लोग क्या खरीदते हैं: सोना या चांदी (सिक्के, गहने), पीतल या स्टील के बर्तन, नई झाड़ू, और नए कपड़े, ख़ासकर सिल्क साड़ी।
- क्या पहनें: सुनहरा, पीला, सरसों जैसा पीला (मस्टर्ड) या लाल जैसे गर्म रंग। हल्की सिल्क या चंदेरी साड़ी, या कोई त्योहारी कुर्ता सेट, खरीदारी और पूजा दोनों के लिए आरामदायक रहता है।
- आगे क्या है: शनिवार 7 नवंबर को काली चौदस, फिर रविवार 8 नवंबर को दिवाली।
सूरत के कठोदरा में स्थित Vastra Heritage की हमारी टीम ने इस गाइड में सब कुछ एक जगह जुटाया है: इस दिन का महत्व, हर बजट के लिए खरीदारी की सूची, पैसे देने से पहले सोना, चांदी और सिल्क की जांच कैसे करें, घर पर की जा सकने वाली आसान पूजा, और महिलाओं व लड़कियों के लिए पहनावे के सुझाव।
धनतेरस क्यों मनाई जाती है
इस एक शाम में तीन कहानियां एक साथ जुड़ती हैं, और हर कहानी किसी न किसी ऐसी परंपरा की वजह बताती है जो आपको लगभग हर भारतीय घर में दिखेगी।
भगवान धन्वंतरि और सेहत का वरदान
पुराणों के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए। अमृत यानी अमरता देने वाला रस। वे देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं, इसलिए धनतेरस पर कई परिवार पहले अच्छी सेहत की और फिर धन की प्रार्थना करते हैं। कई घरों में इस दिन बुज़ुर्गों और बीमार सदस्यों की सेहत के लिए ख़ास प्रार्थना की जाती है।
माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर
दिवाली की रात होने वाली मुख्य लक्ष्मी पूजा से पहले, धनतेरस पर माता लक्ष्मी का पहला स्वागत होता है। देवताओं के खजांची कुबेर की पूजा भी उनके साथ की जाती है, ताकि जो धन घर में आए वह टिका भी रहे। यही वजह है कि इस दिन धातु, ख़ासकर सोना और चांदी, खरीदना इतना ज़रूरी लगता है: यह घर में स्थायी समृद्धि को बुलाने का प्रतीक है।
यम का दीपक (यम दीपम)
एक मशहूर कथा राजा हिम के बेटे की है, जिसकी शादी की चौथी रात सांप के काटने से मृत्यु होने की भविष्यवाणी हुई थी। उसकी पत्नी ने उसे पूरी रात जगाए रखा, अपने सोने-चांदी के गहनों का ढेर दरवाज़े पर लगा दिया और चारों ओर दीपक जला दिए। जब मृत्यु के देवता यमराज सांप का रूप लेकर आए, तो उस चमक से उनकी आंखें चौंधिया गईं और वे भोर होते ही लौट गए। आज भी परिवार धनतेरस की शाम यम के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके एक दीपक जलाते हैं, और घर के हर सदस्य की लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं।
धनतेरस 2026 पर क्या खरीदें, हर बजट के हिसाब से
बहुत ज़्यादा पैसा खर्च करना ज़रूरी नहीं है। यह परंपरा अच्छी भावना के साथ घर में कुछ नया और काम का लाने के बारे में है। यहां बजट के हिसाब से एक व्यावहारिक सूची है:
| बजट | पारंपरिक विकल्प | इसे शुभ क्यों माना जाता है |
|---|---|---|
| ₹500 से कम | नई झाड़ू, दीयों की एक जोड़ी, स्टील या पीतल की कटोरी, साबुत धनिया | झाड़ू दरिद्रता को बाहर करती है; साबुत धनिया पूजा में रखा जाता है और बाद में बढ़ोतरी के लिए बो दिया जाता है |
| ₹500 – ₹5,000 | चांदी का सिक्का, चांदी की कोई छोटी चीज़, पीतल या तांबे के बर्तन, कॉटन या चंदेरी साड़ी | चांदी पवित्रता का प्रतीक है; धातु के बर्तन पूरे साल भरी रसोई का |
| ₹5,000 – ₹25,000 | सोने का सिक्का, हल्के सोने के गहने, शुद्ध सिल्क साड़ी, चांदी की पूजा थाली | सोना धनतेरस की सबसे पारंपरिक खरीदारी है और इसकी कीमत बनी रहती है |
| ₹25,000 और उससे ज़्यादा | सोने या हीरे के गहने, हथकरघा बनारसी या कांजीवरम साड़ी, नई गाड़ी या घरेलू उपकरण | कई परिवार हर साल अपनी बड़ी खरीदारी इसी मुहूर्त के लिए तय करते हैं |
वे चीज़ें जिन्हें कई परिवार खरीदने से बचते हैं
- धारदार चीज़ें जैसे चाकू और कैंची, जिन्हें लोक मान्यता में झगड़े से जोड़ा जाता है।
- काले कपड़े या काली चीज़ें, क्योंकि यह दिन रोशनी और समृद्धि का है।
- कांच और एल्युमिनियम के बर्तन, जिन्हें पीतल, तांबे, चांदी या स्टील की तुलना में कम शुभ माना जाता है।
- उधार पर खरीदना, क्योंकि भावना घर में धन लाने की है, न कि साल की शुरुआत कर्ज़ से करने की।
ये नियम नहीं, परंपराएं हैं, और हर परिवार व हर इलाके में इनका पालन अलग-अलग तरीके से होता है, इसलिए वही करें जो आपके घर के बड़े करते आए हैं।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना: पैसे देने से पहले 7 जांच
धनतेरस पर दुकानों में भारी भीड़ होती है और भाव तेज़ी से बदलते हैं। यह चेकलिस्ट अपने फ़ोन में रखें:
- BIS हॉलमार्क देखें। भारत में सोने के गहनों पर BIS का लोगो, शुद्धता का ग्रेड (जैसे 22K916) और 6 अंकों का HUID कोड होना ज़रूरी है।
- HUID की जांच करें। सरकार के BIS Care ऐप में यह कोड डालकर गहने की शुद्धता और बाकी जानकारी की पुष्टि करें।
- उस दिन का भाव जानें। घर से निकलने से पहले अपने शहर में सोने और चांदी का भाव देख लें, ताकि दुकान के बताए दाम से मिलान कर सकें।
- मेकिंग चार्ज अलग से पूछें। मेकिंग चार्ज में बहुत फ़र्क होता है; बिल में धातु का वज़न, भाव, मेकिंग चार्ज और GST अलग-अलग लाइनों में लिखे होने चाहिए।
- चांदी की शुद्धता जांचें। जहां मिल सके, हॉलमार्क वाली चांदी मांगें (चांदी पर हॉलमार्क लगवाना अनिवार्य नहीं है, इसलिए हर चीज़ पर यह नहीं होता); 999 शुद्ध चांदी है और 925 स्टर्लिंग सिल्वर।
- सिक्के भरोसेमंद जगह से लें। सिक्के बैंक, पुराने और जाने-माने ज्वैलर से, या शुद्धता प्रमाणपत्र वाले सील्ड पैक में ही खरीदें।
- बिल संभालकर रखें। यह शुद्धता का सबूत है और बाद में गहना बदलने या बेचने के समय काम आता है।
एक छोटी सलाह: भीड़ से बचने के लिए कई परिवार धनतेरस से एक-दो दिन पहले गहना पसंद करके बुक कर लेते हैं और धनतेरस के दिन सिर्फ़ उसे लेने जाते हैं। इससे जांच के लिए भी आराम से समय मिल जाता है।
धनतेरस पर सिल्क साड़ी खरीदना: असली साड़ी कैसे पहचानें
बहुत सी महिलाओं के लिए धनतेरस वह दिन है जब वे दिवाली की लक्ष्मी पूजा में पहनने वाली साड़ी खरीदती हैं, या आगे आने वाले शादियों के मौसम के लिए कोई ख़ानदानी सिल्क साड़ी लेती हैं। त्योहार की भीड़ में ही नकली सिल्क सबसे तेज़ी से बिकता है, इसलिए एक मिनट रुककर ये बातें जांच लें:
- Silk Mark लेबल: असली सिल्क साड़ियों पर Silk Mark का टैग हो सकता है। जो भी साड़ी शुद्ध सिल्क कहकर बेची जा रही हो, उस पर यह टैग ज़रूर मांगें।
- साड़ी का उल्टा हिस्सा: हाथ से बुनी बनारसी और कांजीवरम साड़ियों के पीछे तैरते हुए धागे और छोटी-मोटी असमानताएं दिखती हैं; अगर पीछे का हिस्सा बिल्कुल सपाट और एकदम एक जैसा है, तो वह पावरलूम की हो सकती है।
- ज़री: असली ज़री में एक नरम, गर्म चमक होती है; बहुत ज़्यादा चमकीली, पीतल जैसी ज़री आमतौर पर नकली होती है।
- दाम का अंदाज़ा: कुछ हज़ार रुपये में मिलने वाली "शुद्ध हथकरघा कांजीवरम" वह नहीं है जिसका दावा किया जा रहा है।
खरीदने से पहले तुलना करने में हमारी स्टेप-बाय-स्टेप शुद्ध सिल्क पहचानने की गाइड और साड़ी प्राइस गाइड आपकी मदद करेंगी। अगर आप सूरत के आसपास हैं, तो हमारे कठोदरा शोरूम में हथकरघा बुनाई को ख़ुद आकर देख भी सकती हैं।
घर पर धनतेरस की आसान पूजा, एक-एक स्टेप
आप लगभग 30 मिनट में धनतेरस की एक सार्थक पूजा कर सकती हैं। समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए शाम के प्रदोष काल का मुहूर्त अपने स्थानीय पंचांग से लें।
- सुबह घर और मुख्य द्वार की सफ़ाई करें और दरवाज़े पर रंगोली बनाएं। कई परिवार घर के अंदर आते हुए लक्ष्मी जी के छोटे-छोटे पैरों के निशान भी बनाते हैं।
- एक साफ़ चौकी सजाएं, उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और लक्ष्मी, गणेश, कुबेर और धन्वंतरि की तस्वीरें या मूर्तियां रखें।
- नई खरीदी हुई चीज़ें (सिक्का, गहना, बर्तन या साड़ी) भगवान के पास रखें।
- घी का दीया जलाएं और फूल, चावल, रोली, मिठाई और साबुत धनिया अर्पित करें।
- सरल प्रार्थना करें या अपने परिवार में बोले जाने वाले लक्ष्मी और कुबेर मंत्र पढ़ें, फिर आरती करें।
- यम दीपम जलाएं: चार बत्तियों वाला एक दीपक घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके रखें, परिवार की लंबी उम्र के लिए।
- प्रसाद बांटें और नई चीज़ों को संभालकर रखें; कई परिवार नए बर्तन का पहली बार इस्तेमाल दिवाली के दिन करते हैं।
धनतेरस पर क्या पहनें: महिलाओं और लड़कियों के लिए पहनावे के सुझाव
धनतेरस एक लंबा दिन होता है: भीड़ भरे बाज़ारों में खरीदारी, खाना बनाना, साफ़-सफ़ाई और शाम की पूजा। सबसे अच्छा पहनावा वह है जो त्योहारी दिखे, पर आपको आराम से चलने-फिरने भी दे। सुनहरा, पीला, मस्टर्ड, लाल और मैरून वे रंग हैं जो इस दिन से सबसे ज़्यादा जुड़े हैं।
| किसके लिए | सबसे अच्छा पहनावा | यह क्यों अच्छा है |
|---|---|---|
| गहनों की खरीदारी पर जाने वाली महिलाएं | मस्टर्ड या सुनहरे रंग की चंदेरी सिल्क या मुलायम कॉटन-सिल्क साड़ी, सलीके से पिन की हुई | भीड़ वाले बाज़ार के लिए हल्की और हवादार, फिर भी फ़ोटो में त्योहारी |
| शाम की पूजा करवाने वाली महिलाएं | लाल, मैरून या सुनहरे रंग की बनारसी टिशू या हल्की सिल्क साड़ी | दीयों की रोशनी में चमकती है और लक्ष्मी जी के पहले स्वागत के लिए ख़ास लगती है |
| ऑफ़िस जाने वाली महिलाएं | सिल्क-कॉटन कुर्ता सेट या माहेश्वरी या चंदेरी साड़ी | ऑफ़िस के लिए सलीकेदार, शाम की पूजा के लिए भी काफ़ी त्योहारी |
| किशोर लड़कियां | पीला या पीच अनारकली, या गोटा वर्क वाला हल्का लहंगा | चलने में आसान, परिवार की फ़ोटो में खिला-खिला |
| छोटी बच्चियां | सुनहरे या संतरी रंग का सिल्क पट्टू पावडई या कॉटन लहंगा | दीयों के पास मुलायम और सुरक्षित कपड़ा, बच्चों के लिए आरामदायक |
गहने और स्टाइलिंग
उस दिन की खरीदारी को ही अपने लुक की ख़ास चीज़ बनने दें: सादी साड़ी के साथ अपने नए सोने के झुमके या हल्का हार पहनें। टेंपल स्टाइल के सोने के गहने, छोटी बिंदी और गजरा एक पारंपरिक लुक को पूरा कर देते हैं। अगर आप उस दिन गहने खरीदने जा रही हैं, तो दुकान पर कम से कम गहने पहनकर जाएं, ताकि नए गहने आसानी से पहनकर देख सकें।
दीयों के पास सावधानी
दीये जलाते समय खुले पल्लू और दुपट्टे को पिन करके रखें, और सिंथेटिक कपड़ों की जगह सिल्क और कॉटन जैसे प्राकृतिक कपड़े चुनें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़ा आग पकड़ने पर पिघल सकता है। हमारी दिवाली फ़ैशन गाइड में त्योहार के लिए सुरक्षित स्टाइलिंग के और भी सुझाव हैं।
पूरे भारत में धनतेरस
देश के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन के नाम और रीति-रिवाज़ अलग हैं:
- गुजरात: यहां इसे धनतेरस या धन तेरस कहते हैं; कई व्यापारी परिवार अपने बही-खातों और तिजोरी की पूजा करते हैं, और इसके बाद के पांच दिन लाभ पंचमी तक चलते हैं।
- महाराष्ट्र: यहां इसे धनत्रयोदशी कहते हैं; महिलाएं गुड़ और धनिये का नैवेद्य बनाती हैं और शाम को यम दीपदान करती हैं।
- उत्तर भारत: सोना, चांदी और बर्तनों की खरीदारी के लिए बाज़ार देर रात तक खुले रहते हैं; यह साल के उन दिनों में से है जब ज्वैलरी की दुकानों पर सबसे ज़्यादा भीड़ होती है।
- दक्षिण भारत: कुछ समुदाय लक्ष्मी पूजा के साथ-साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं और सेहत व आयुर्वेद पर ध्यान देते हैं।
- विदेश में: अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और खाड़ी देशों में बसे भारतीय परिवार अक्सर सोना या चांदी की कोई छोटी चीज़ खरीदते हैं और सबसे नज़दीकी सुविधाजनक दिन पर शाम की पूजा कर लेते हैं।
आगे के पांच दिनों की योजना बनाएं
धनतेरस से एक व्यस्त पखवाड़ा शुरू होता है। अभी थोड़ी सी योजना बना लेने से आख़िरी समय की भागदौड़ बच जाती है:
- अपनी दिवाली की ड्रेस आज ही खरीद लें या दर्ज़ी से ले आएं, ताकि फ़ॉल-पीको या ब्लाउज़ की कोई भी फ़िटिंग रविवार तक तैयार हो जाए।
- अपनी सिल्क साड़ियों को हवा लगाएं और ज़री व ब्लाउज़ जांच लें; हमारी सिल्क साड़ी देखभाल गाइड बताती है कि रखी हुई सिल्क साड़ियों को फिर से तरोताज़ा कैसे करें।
- एक आरामदायक ड्रेस काली चौदस की सफ़ाई और रसोई के काम के लिए, एक भव्य ड्रेस लक्ष्मी पूजा के लिए, और एक चटख रंग की ड्रेस नए साल और भाई दूज पर मिलने-जुलने के लिए अलग रख लें।
- नीचे दी गई तारीखें नोट कर लें, ताकि परिवार से मिलने के कार्यक्रम आपस में न टकराएं।
दिवाली सीज़न 2026 कैलेंडर
| शुक्र, 6 नवंबर | धनतेरस (आप यहाँ हैं) |
| शनि, 7 नवंबर (रात) | काली चौदस / नरक चतुर्दशी |
| रवि, 8 नवंबर | दिवाली (लक्ष्मी पूजा) |
| मंगल, 10 नवंबर | गुजराती नववर्ष (बेस्तु वरस) |
| बुध, 11 नवंबर | भाई दूज |
| शनि, 14 नवंबर | लाभ पंचमी |
| 13 – 16 नवंबर | छठ पूजा |
| शुक्र, 20 नवंबर | देवउठनी एकादशी / तुलसी विवाह |
| मंगल, 24 नवंबर | देव दिवाली (कार्तिक पूर्णिमा) |
तारीखें भारत के अनुसार हैं; कुछ त्योहार दूसरे शहरों या विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं, इसलिए अपना स्थानीय पंचांग देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2026 में धनतेरस कब है?
धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और पांच दिन के दिवाली त्योहार का पहला दिन है।
धनतेरस की पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है। मुहूर्त का सही समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए अपने इलाके का समय स्थानीय पंचांग में देखें।
धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?
पारंपरिक खरीदारी में सोना या चांदी (सिक्के या गहने), पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन, नई झाड़ू, साबुत धनिया और सिल्क साड़ी जैसे नए कपड़े आते हैं। वही खरीदें जो काम का हो और आपके बजट में हो; दाम से ज़्यादा भावना मायने रखती है।
धनतेरस पर क्या नहीं खरीदना चाहिए?
कई परिवार चाकू और कैंची जैसी धारदार चीज़ें, काली चीज़ें, कांच और एल्युमिनियम के बर्तन खरीदने से और उधार पर खरीदारी करने से बचते हैं। ये लोक परंपराएं हैं, इसलिए अपने परिवार की रीत का पालन करें।
क्या धनतेरस पर चांदी खरीदना सोने जितना ही शुभ है?
हां। चांदी को पवित्रता और चंद्रमा से जोड़ा जाता है, और चांदी का सिक्का या कोई छोटी चांदी की चीज़ धनतेरस की बहुत लोकप्रिय और किफ़ायती खरीदारी है।
धनतेरस पर सोने की शुद्धता कैसे जांचें?
शुद्धता ग्रेड और 6 अंकों के HUID कोड के साथ BIS हॉलमार्क देखें, और BIS Care ऐप में HUID की जांच करें। ऐसा बिल मांगें जिसमें वज़न, भाव, मेकिंग चार्ज और GST अलग-अलग लिखे हों।
धनतेरस पर कौन सा रंग पहनना चाहिए?
सुनहरा, पीला, मस्टर्ड, लाल और मैरून सबसे लोकप्रिय रंग हैं, क्योंकि ये समृद्धि और माता लक्ष्मी से जुड़े हैं। इस दिन काला रंग पहनने से बचें।
क्या धनतेरस पर साड़ी खरीद सकते हैं?
हां। नए कपड़े धनतेरस की आम खरीदारी हैं, और कई महिलाएं इसी दिन वह सिल्क साड़ी खरीदती हैं जो वे दिवाली की लक्ष्मी पूजा में पहनेंगी। पैसे देने से पहले Silk Mark टैग मांगें और बुनाई जांच लें।
धनतेरस पर यम के लिए दीपक क्यों जलाया जाता है?
यम दीपम एक दीपक है जो धनतेरस की शाम घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके रखा जाता है। यह राजा हिम के बेटे की कथा से जुड़ा है और परिवार की लंबी उम्र की प्रार्थना के रूप में जलाया जाता है।
धनतेरस का भगवान धन्वंतरि से क्या संबंध है?
माना जाता है कि देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि इसी दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसीलिए धनतेरस पर कई परिवार धन के साथ-साथ अच्छी सेहत की भी प्रार्थना करते हैं।
धनतेरस के बाद कौन से त्योहार आते हैं?
2026 में धनतेरस के बाद काली चौदस या नरक चतुर्दशी 7 नवंबर (रात) और 8 नवंबर (सुबह का स्नान) को है, दिवाली की लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर को, गुजराती नववर्ष 10 नवंबर को और भाई दूज 11 नवंबर को है।